Sunami KE Teen Karan Kya Hai | सुनामी के ३ कारन क्या है?

Sunami KE 3 Karan Kya Hai: नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारी इस अनोखी वेबसाइट पर । वैसे तो कहा जाता है मौत सबको आती है, इसे कोई नहीं रोक सकता, और यही शाश्वत सत्य है।

विधि के विधान को कोई रोक नहीं सकता लेकिन अगर किसी हादसे मै मौत आती है, तो वो बहुत ज्यादा तकलीफ देती अपने प्रियजनोंको। वैसे तो आप लोगो ने सुनामी के बारे में जरूर सुना होगा, जिसका नाम सुनते ही रौंगटे खड़े हो जाते है। लेकिन क्या आपको पता है? कि आखिर वो कौन सी वजह है, जिसकी वजह से सुनामी आकर कितने सारे जीवो को उसमें समेट लेती है। तो चलिए देखते है कुछ ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी सुनामी के बारे में।

आखिर क्या है सुनामी? किस वजह से आती है सुनामी? क्या इसे रोक पाना संभव है? ऐसे न जाने कितने सवाल आपके मन में आते होंगे। वैसे देखा जाए तो सुनामी को रोक पाना संभव नहीं है। जो लोग किसी से भी नहीं डरते वो भी सुनामी से डरते है। और डरना भी चाहिए क्यूंकि कुदरत का कानून किसी को नहीं छोड़ता। चाहे वो आमिर हो या फिर गरीब।  अगर कुदरत चाहे तो, पूरी दुनिया को तबाह कर सकती है। फिर चाहे वो, सुनामी के रूप में हो या फिर किस और रूप में। लेकिन सुनामी को अब तक का बहुत बड़ा उदाहरण माना जाता है।

सुनामी जापानी भाषा का शब्द है, यह दो शब्द सु और नामी से मिलकर बना है। बहुत सारे लोगो के मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि, आखिर जापान ने इस शब्द को क्यू बनाया होगा क्यूंकि बहुत ज्यादा सुनामी के झटके जापान ने महसूस किये है।

इसीलिए शायद सोच समझकर इस नाम को रखा होगा। वैसे आपको पता भी होना चाहिए कि इसका अर्थ क्या है। तो यहाँ पर, सु का अर्थ होता है बंदरगाहएव नामी का अर्थ होता है लहरे

अर्थात सुनामी का अर्थ है बंदरगाह कि और आनेवाली लहरे। वैसे देखा जाए तो सुनामी के कई कारण है लेकिन कुछ प्रमुख कारण है जिनकी वजह से ज्यादा संभावना होती है।

तो चलिए देखते है कुछ ऐसे ही दिलचस्प कारण जिनकी वजह से सुनामी आती है।


1 ) ज्वालामुखी का फटना

इस स्थिति में भी सुनामी आने की संभावना ज्यादा से ज्यादा रहती है कुछ सालो पहले कि बात है किसी एक समुन्दर के अंदर ज्वालामुखी विस्फोट हुआ,जिससे निकला हुआ धुँआ २० से २५ किलोमीटर ऊपर तक गया। पृथ्वी के गर्भ में बेहद गर्मी है उसका तापमान लगभग ६०००डिग्री सेल्सियस है। और उसकी वजह से, ज्वालामुखी का विस्फोट  बहुत ही तेज  हुआ था, जो की सुनामी का एक मुख्य कारन है।

) भूकंप

गहरे समुन्दर मै आनेवाली शक्तिशाली भूकम्पों से भी सुनामी उत्पन होती है। इन सुनामी कि लहरों कि गति जेट विमान से भी अधिक होती है। यह भूकंप आने के कई घंटे बाद तट पर पहुचंती है। उतप्ति के समय इन लहरों की लम्बाई सौ किलोमीटर होने के बावजूद भी ये बहुत ऊँची नहीं उठती है। गहरे समुन्दर मै सुनामी लहरों के उतप्ति के समय, समुन्दर में शुरूवात में कोई हलचल नहीं होती और इसी कारन ये लहरें दिखाई नहीं देती। इसी वजह से सुनामी आने की आशंका बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

3) भूस्खलन

हिमालयी क्षेत्र तथा पूर्वी और पश्चिम घाट के इलाको में अक्सर भूस्खलन का खतरा रहता है। भारत में बहुत सारी आपदा आती रहती है। उसमे से एक भूस्खलन है। भारत में सूखा, बाढ़, भूकंप चक्रवात की घटनाये आम है। भूस्खलन एक भूवैज्ञानिक घटना है, कुछ धरातली हलचलों, जैसे पत्थर गिरना, या फिर खिसकना, पथरीली मिट्ठी का बहाव, ये भी चीजे इसके लिए जिम्मेदार है। और कभी कभी भारी वर्षा, बाढ़ आने के वजह से भूस्खलन होने की संभावना ज्यादा रहती है। और इसका परिणाम हेतु ये सुनामी का रूप लेती है।


आप के मन मै यह सवाल जरूर आता होगा कि सुनामी का पता लगाना क्या ये संभव है ?

मुझे लगता है, वैज्ञानिक जगत मै वैज्ञानिकोने बहुत सारे शोध लगाए है। उपग्रह प्रौद्योगिकी के प्रयोग से सुनामी संभावित भूकम्पों कि तुरंत चेतावनी देना संभव हो गया है। चेतावनी का समय तट रेखा से अभिकेंद्र कि दुरी पर निर्भर करता है। फिर दूसरा सवाल यह भी आपके मन मै आता होगा की आखिर सुनामी का पता कैसे लगता है? सुनामी सतर्कता यंत्र समुंद्री बलों के जरिये भूमि से जोड़े जाते है। सुना मीटर समुन्दर के तल में होनेवाली हलचल कि चेतावनी भेजती है। जिन्हे उपग्रह के माध्यम से प्रसारित किया जाता है। और इसके जरिये हम आनेवाली आपदा को रोकने कि कोशिश कर सकते है। जब से हम लोगो को समझ आयी है, तबसे हम लोगो ने हर एक चीज पर संशोधन किया हमने चाँद पर कदम रखा, हमने समुन्दर के कुछ हिस्सोंपर भी अध्ययन किया। लेकिन सुनामी जैसा विषय वैज्ञानिक जगत मै तहलका मचाता है। आज भी वैज्ञानिक इस समस्या का सही समाधान ढूँढ़ने मे लगे है।

आशा करता हूँ, आप लोगो को दी गयी जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर अच्छी लगी तो कृपया इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करना ना भूले धन्यवाद।

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