Sabudana Kaise Banta Hai? | साबूदाना कैसे बनता है?

नमस्कार दोस्तों, आपका आज की इस पोस्ट में स्वागत है। जिसमे हम जानने वाले है की साबूदाना कैसे बनता है? (Sabudana kaise banta hai?). व्रत में खाया जाने वाला और सबका पसंदीदा व्यंजन साबूदाना आखिर बनता कैसे है? क्या आपको यह पता है? अर्थात आपको पता नहीं है, इसलिए आप यहां पर आए हो, तो चलिए आपके इस सवाल का जवाब में आपको हमारी इस पोस्ट, साबूदाना कैसे बनता है ( Sabudana kaise banta hai) में देता हुं।


Sabudana Kisase Banta Hai? | साबूदाना किससे बनता है?

भारत में साबूदाने का व्रत (उपवास) में अक्सर इस्तेमाल होता है। यह साबूदाना किसी पेड़ के ऊपर नहीं लगता बल्कि यह “टैपिओका” नामक पौधे की जड़ो से तैयार किया जाता है। टैपिओका पौधे को “कसावा” भी कहा जाता है। यह पौधा मूलतः दक्षिण अफ्रीका में पाया जाता है।

Sabudana Plant with Root

हमारे भारत में सागो पाल्म पेड़ के तने से साबूदाना तैयार किया जाता है। हमारे दक्षिण भारत में सागो पाम नामक पौधा काफी मात्रा में पाया जाता है। भारत में इसी पौधे की जड़ से साबूदाना तयार किया जाता है। जिसे टैपिओका रूट भी कहा जाता है। यह पौधा १९ वी सदी में भारत में लाया गया था और भारत में साबूदाना १९४३-४४ में बनाना शुरू किया गया था।


Sabudana Kaise Banta Hai? | साबूदाना कैसे बनता है?

दोस्तों आपने ऊपर जान ही लिया होगा की साबूदाना किस चीज से बनता है। अब हम जानेंगे की साबूदाने को सागो की जड़ से कैसे बनाया जाता है। साबूदाना बनाने की सारी प्रक्रिया मशीन द्वारा की जाती है। सबसे पहले पेड़ से जड़ को अलग किया जाता है। इसी जड़ को कसावा रूट भी कहा जाता है। इन जड़ो को निकालने के बाद जड़ो को पानी से अच्छी तरह से धोकर साफ किया जाता है। धोते समय ही पानी से जड़ के ऊपर की सारी मिटटी साफ की जाती है। साफ करने के बाद जड़ के ऊपर वाले छिलके को पूरी तरह से हटा दिया जाता है। छिलका निकालने के बाद फिर से इसे साफ किया जाता है। ताकि कोई छिलका गलती से आगे ना चला जाए। आगे इस छिली हुई जड़ को क्रशिंग मशीन में पानी की मदत से क्रश किया जाता है। जिससे की सफ़ेद रंग का मिश्रण तैयार हो जाता है।

इस सफ़ेद मिश्रण से शुद्ध स्टार्च अलग किया जाता है। बचे हुए गुदे को सुखाया जाता है। इसे तब तक सुखाया जाता है जब तक की इसमें पानी की मात्रा १२ प्रतिशत न हो जाये। सूखने के बाद गुदा आटे के समान होता है इसी आटे से साबूदाना बनाया जाता है।

Sabudana Making in Indian Factory

साबूदाना खाने के फायदे :

साबूदाना बहुत सारे गुणों से परिपूर्ण होता है। इसमे कार्बोहाइड्रेट प्रमुख है। इसके साथ ही इसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भी मौजूद होते है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम भी मौजूद होता है।

  1. साबूदाना खाने से आपकी हड्डियां मजबूत होती है। इसमे पाया जाने वाला कैल्शियम आपकी हड्डियों को मजबूत करता है।
  2. यदि आप सुबह नाश्ते में साबूदाने का सेवन करते हो, तो दिनभर आपका एनर्जी लेवल बरकरार रहेगा, आपको जल्दी भूख भी नहीं लगेगी। यदि आपको कहीं बाहर जाना है तो नाश्ते के लिए साबूदाना सबसे अच्छा उपाय है।
  3. साबूदाना से आपकी मसल्स की ग्रोथ जल्दी होती है। इसमे पाए जाने वाला प्रोटीन आपकी मसल ग्रोथ में मदद करता है।
  4. साबूदाना खाने से आपको पेट की समस्या से राहत मिलती है। साबूदाने से पेट के पाचन तंत्र में सुधार होता है। पेट की समस्या जैसे गैस, अपच से राहत देने में साबूदाना काफी कारगर है। आप साबूदाने की खीर तैयार करके उसका सेवन करें पेट की समस्या में यह सबसे कारगर है।

आज हमने क्या सीखा :

हमें आशा है दोस्तों की आपको हमारा आज का यह साबूदाना कैसे बनता है (Sabudana kaise banta hai) आर्टिकल पसंद आया होगा। आज की इस पोस्ट में हमने जाना की साबूदाना किस चीज से बनता है, साबूदाना कैसे बनता है। इसके साथ ही हमने देखा की साबूदाना खाने से हमें कौन कौनसे लाभ होते है।


FAQ :

साबूदाना किस चीज से बनता है?

साबूदाना सागो (पाल्म) नामक पौधे की जड़ से बनता है।

क्या साबूदाना मांसाहारी होता है?

जी नहीं साबूदाना मांसाहारी नहीं होता।

साबूदाना कब खाना चाहिए?

साबूदाना नाश्ते के समय खाना सबसे उचित है।

साबूदाना खाने से वजन बढ़ता है क्या?

साबूदाना वजन बढ़ाने ने मदत करता है।

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